हाजीपुर। महुआ थाना क्षेत्र के फुदैनी पोखर के पास 1 सितंबर को पशु व्यापारी लक्ष्मण राय की लूट के दौरान हत्या और उनके बेटे मिथिलेश को गोली मारकर घायल करने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने वारदात में शामिल दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से अवैध पिस्टल, चार कारतूस, घटना में इस्तेमाल स्प्लेंडर बाइक, दो मोबाइल फोन और वारदात के समय पहने कपड़े व थैला बरामद किया गया है।
वैशाली के वरीय पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि घटना के दिन बाइक से जा रहे पशु व्यापारी पिता-पुत्र को तीन बदमाशों ने फुदैनी पोखर के पास लूटने की कोशिश की थी। इसी दौरान हाथापाई हो गई। पुलिस के अनुसार, हाथापाई में बदमाश कुंदन कुमार के हाथ में चोट लगी, जिसके बाद उसने गोली चला दी। गोली लगने से लक्ष्मण राय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका बेटा मिथिलेश गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात में कुल पांच बदमाशों की भूमिका सामने आई है। एक अन्य आरोपी की भी पहचान की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, मुख्य लाइनर ने पशु हाट से ही व्यापारी पिता-पुत्र का पीछा किया था। उसे जानकारी थी कि उनके पास करीब डेढ़ से पौने दो लाख रुपये नकद हैं।
लाइनर ने व्यापारी की लोकेशन मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी से आए बदमाशों के साथ साझा की थी। इसके बाद तीन बदमाशों ने घटनास्थल पर पहुंचकर लूट की वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। हालांकि, लूटे गए रुपये अभी पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। एक लाइनर समेत तीसरे आरोपी की पहचान हो चुकी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के कच्ची-पक्की ओपी क्षेत्र के सुस्ता माधोपुर निवासी मनीष कुमार और सीतामढ़ी जिले के महिंदवाड़ा थाना क्षेत्र के शुगरी डीह निवासी कुंदन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने पूछताछ में अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
महुआ थाने में इस मामले में नया कांड दर्ज कर दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
एसएसपी के मुताबिक, गिरफ्तार मनीष कुमार का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ मुजफ्फरपुर सदर थाना में ट्रक चोरी, मनिहारी थाना में आर्म्स एक्ट और गोरौल थाना में लूट से संबंधित मामले दर्ज हैं।
हत्याकांड का खुलासा करने के लिए एसडीपीओ महुआ पोलस्त कुमार के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई थी। टीम में महुआ थानाध्यक्ष अरविंद प्रसाद और जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) के अधिकारी शामिल थे। पुलिस अब फरार आरोपितों की गिरफ्तारी और लूटी गई रकम की बरामदगी के लिए कार्रवाई कर रही है।

