रुद्रपुर। कूटरचित दस्तावेज और झूठे साक्ष्य के आधार पर जाति व स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। तहसीलदार के निर्देश पर हुई जांच में कई अभिलेख संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद दोनों प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए गए।
राजस्व उप निरीक्षक अमित पांडेय की तहरीर के मुताबिक, जिलाधिकारी को ई-मेल के जरिए मिली शिकायत के बाद तहसीलदार रुद्रपुर ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे। जांच में पता चला कि वार्ड नंबर 11 संजय नगर खेड़ा निवासी दीपांशु पुत्र कृष्ण ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर 18 अगस्त 2026 को जाति प्रमाण पत्र बनवाया था।
इसी तरह भदईपुरा निवासी दक्ष चतुर्वेदी पुत्र भोला नाथ चतुर्वेदी पर कूटरचित और झूठे साक्ष्य तैयार कर 14 अगस्त को स्थायी निवास प्रमाण पत्र हासिल करने का आरोप है। दोनों मामलों में बिजली बिल, राशन कार्ड, भूमि का पट्टा और खतौनी समेत अन्य दस्तावेजों की दोबारा जांच कराई गई।
संबंधित विभागों से कराए गए सत्यापन में इन अभिलेखों की पुष्टि नहीं हो सकी। मौके पर जांच के दौरान संबंधित पते पर न तो आवेदक मिले और न ही उनका परिवार वहां रहता हुआ पाया गया। वार्ड पार्षद और नगर निगम के सुपरवाइजर ने भी इसकी पुष्टि की। जांच में यह आरोप भी सामने आया कि इससे पहले गलत भौतिक सत्यापन कराया गया था।
जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों प्रमाण पत्रों को कूटरचित और भ्रामक तथ्यों के आधार पर जारी मानते हुए निरस्त कर दिया गया। इसकी जानकारी जिलाधिकारी को भी भेजी गई। मामले में पुलिस ने दीपांशु, दक्ष चतुर्वेदी और शुभम हुरिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

