नौबतपुर (पटना)। भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने बुधवार को नौबतपुर प्रखंड कार्यालय में बड़ी कार्रवाई की। टीम ने प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (एमओ/बीएसओ) विनोद कुमार को आठ हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई अधिकारी के कार्यालय कक्ष में हुई। गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम आरोपी अधिकारी को पूछताछ के लिए पटना ले गई।
निगरानी विभाग के डीएसपी आदित्य राज के अनुसार, बारा गांव निवासी पीडीएस दुकानदार अवधेश शर्मा के भतीजे कृष्णकांत कुमार ने रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। आरोप था कि जनवितरण प्रणाली की दुकान के मासिक ऑडिट को पास करने और दुकान का संचालन सुचारू रखने के बदले बीएसओ ने आठ हजार रुपये की मांग की थी।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पहले मामले का गुप्त सत्यापन कराया। रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। बुधवार को तय रणनीति के तहत निगरानी टीम सादे कपड़ों में नौबतपुर प्रखंड कार्यालय पहुंची।
योजना के तहत शिकायतकर्ता को निगरानी विभाग ने केमिकल लगे आठ हजार रुपये के नोट दिए। शिकायतकर्ता जब तय रकम लेकर बीएसओ के कार्यालय पहुंचा और विनोद कुमार ने पैसे अपने हाथ में लिए, तभी आसपास मौजूद निगरानी टीम ने उन्हें पकड़ लिया।
टीम ने रिश्वत की रकम बरामद करने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। आरोपी अधिकारी के हाथ धुलवाए गए, जिसके बाद पानी का रंग बदल गया। निगरानी विभाग के अनुसार, इससे रिश्वत की रकम छूने की पुष्टि हुई।
निगरानी विभाग की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही प्रखंड कार्यालय में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यालय से बाहर निकल आए। टीम काफी देर तक कार्यालय में मौजूद रही और संबंधित दस्तावेज व अन्य औपचारिकताएं पूरी कीं।
इसके बाद आरोपी बीएसओ विनोद कुमार को हिरासत में लेकर निगरानी टीम पटना रवाना हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, पटना में पूछताछ के बाद आरोपी को विशेष निगरानी न्यायालय में पेश किया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर पीडीएस दुकानदारों से ऑडिट के नाम पर कथित वसूली की शिकायतों की भी चर्चा है। हालांकि, इन शिकायतों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। बुधवार की कार्रवाई के बाद आपूर्ति विभाग से जुड़े कर्मचारियों में भी हड़कंप की स्थिति है।

